नई दिल्ली | ABN News Network:
कथित फर्जी मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सुर अब और तेज हो सकते हैं, क्योंकि उन्हें देश के अनुभवी नेता और एनसीपी-एससीपी प्रमुख शरद पवार का खुला समर्थन मिल गया है। इस कदम के बाद राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं कि विपक्ष अब चुनाव आयोग (EC) पर संयुक्त रूप से बड़ा दबाव बनाने की तैयारी में है।
अमित शाह पर सीधा वार
शरद पवार ने शनिवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं, जिन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्पष्ट जवाब देना चाहिए था। उनके मुताबिक, सरकार ने इस मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश की है, जबकि पारदर्शिता और जवाबदेही लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
बिहार में बड़े प्रदर्शन का ऐलान
पवार ने जानकारी दी कि उनकी पार्टी सोमवार को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन करेगी, जिसका केंद्र बिहार की मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों पर होगा। उन्होंने कहा कि संसद में पिछले दो हफ्तों से इस मुद्दे पर बहस हो रही है, लेकिन असली तथ्य जनता तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
विपक्ष का आरोप – लाखों मतदाता सूची से बाहर
जुलाई 2025 में बिहार में विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर विवाद शुरू हुआ था। विपक्षी दलों का दावा है कि इस प्रक्रिया में लगभग 45 से 50 लाख मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
राहुल गांधी का आरोप है कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी इसी तरह की गड़बड़ियां हुई हैं और उनके पास इसके ठोस प्रमाण हैं। उनका कहना है कि चुनाव आयोग और सत्ताधारी दल के बीच मिलीभगत हो सकती है।
सड़क पर उतरकर जवाब
पवार ने साफ किया कि संसद में चर्चा के बावजूद समाधान नहीं मिला, इसलिए विपक्ष अब सड़क पर उतरकर अपनी बात जनता तक पहुंचाएगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक राज्य का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश के लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों से जुड़ा मामला है।